CAA और NRC को लेकर सोशल मीडिया यूं बना जंग का मैदान

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CAA और NRC को लेकर जारी प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया (Social Media) पर भी लंबी जंग लड़ी गई है. युवाओं ने इस वर्चुअल वर्ल्ड में तकरीबन सभी प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल किया है. परंपरागत प्लेटफॉर्म फेसबुक (Facebook) और ट्विटर (Twitter) के अलावा इस बार इंस्टाग्राम (Instagram) और टिकटॉक (TikTok) का भी खूब इस्तेमाल हुआ.

CAA और NRC को लेकर देश में कई जगह प्रदर्शन जारी हैं. दिल्ली का शाहीन बाग तो इन प्रदर्शनों का केंद्र बिंदु बन गया है. बीते 15 दिसंबर को जब जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे थे तब आकांक्षा नाम की एक लड़की (बदला हुआ नाम) ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर CAA और NRC विरोधी पोस्ट्स की झड़ी लगा दी थी. लेकिन वो अकेली नहीं थी. ऐसे छात्रों और लोगों की संख्या हजारों में है जिन्होंने सोशल मीडिया पर इस कानून के विरोध में लंबी लड़ाई लड़ी है.
टिकटॉक का भी इस्तेमाल
सीएएए विरोधी प्रदर्शनों में इस बार युवाओं ने उन प्लेटफॉर्म्स का भी इस्तेमाल किया जहां आम तौर पर बीजेपी की सोशल मीडिया की पकड़ कमजोर मानी जाती है. जैसे युवाओं ने चीनी कंपनी बाइटडांस के ऐप टिकटॉक का खूब इस्तेमाल किया. ये ऐप बड़े शहरों से ज्यादा छोटे शहरों में मशहूर है और इसका इस्तेमाल धड़ल्ले के साथ किया जाता है. इसके अलावा इंस्टाग्राम पर बीजेपी की उपस्थिति कमजोर मानी जाती है. हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फॉलोवर्स की संख्या इस प्लेटफॉर्म पर करोड़ों में है.
सीएएए विरोधी प्रदर्शनों में इस बार युवाओं ने उन प्लेटफॉर्म्स का भी इस्तेमाल किया जहां आम तौर पर बीजेपी की सोशल मीडिया की पकड़ कमजोर मानी जाती है. जैसे युवाओं ने चीनी कंपनी बाइटडांस के ऐप टिकटॉक का खूब इस्तेमाल किया. ये ऐप बड़े शहरों से ज्यादा छोटे शहरों में मशहूर है और इसका इस्तेमाल धड़ल्ले के साथ किया जाता है. इसके अलावा इंस्टाग्राम पर बीजेपी की उपस्थिति कमजोर मानी जाती है. हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फॉलोवर्स की संख्या इस प्लेटफॉर्म पर करोड़ों में है.

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