सांसद आजम खां के खिलाफ कुर्की की मुनादी नहीं कराने पर कोर्ट ने जताई नाराजगी

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समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद आजम खां के खिलाफ कुर्की नोटिस तामील कराने में पुलिस की लापरवाही पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है। कोर्ट ने दोबारा नोटिस जारी करते हुए पुलिस को मुनादी करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा अफसरों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किए हैं।

सपा सांसद आजम खां के खिलाफ पड़ोसी आरिफ रजा को धमकाने के मामले में एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने कुर्की का नोटिस जारी किया था। कुर्की का नोटिस रिसीव कराने में पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं की। पुलिस ने सुनवाई से एक दिन पहले ही नोटिस चस्पा किया था। पुलिस ने उक्त नोटिस के संबंध में मुनादी की भी प्रक्रिया पूरी नहीं की। सोमवार को जब इस मामले की सुनवाई हुई तो यह मामला उठा, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने सांसद के खिलाफ फिर से कुर्की का नोटिस जारी करते हुए इसे विधिपूर्वक आरोपित को रिसीव कराने के आदेश दिए हैं।

सहायक शासकीय अधिवक्ता राम औतार सिंह सैनी ने बताया कि कोर्ट ने सपा सांसद को इस मामले में फिर से कुर्की का नोटिस जारी किया है। इस मामले में अब 22 फरवरी को सुनवाई होगी। इसके अलावा चुनाव के दौरान अफसरों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में कोर्ट ने सांसद आजम खां खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। यह मामला पिछले साल लोकसभा के दौरान का है। सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी।

यह है मामला

आजम खां के खिलाफ विभिन्न मामलों में अब तक 84 मुकदमे दर्ज हो चुके हैैं, जिनमें से दस वापस हो गए हैैं। दो मुकदमों पर स्टे मिला हुआ है। बचे हुए मुकदमों में लगातार कार्रवाई चल रही है। इसमें एक-एक कर कुर्की नोटिस जारी हो रहे हैैं। उनके बेटे विधायक अब्दुल्ला के दो-दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में पुलिस ने कुर्की नोटिस जारी होने पर आजम खां के मुहल्ले में मुनादी भी कराई थी। डुग्गी भी पिटवाई थी। अब अन्य मुकदमों में भी कुर्की नोटिस जारी हो रही है। पड़ोसी से मारपीट के मामले में भी कुर्की का नोटिस जारी किया लेकिन, इस मामले में मुनादी नहीं कराई। इसी पर अदालत ने नाराजगी जताई।

आजम को आचार संहिता के दो मामलों में राहत

आचार संहिता के दो मामलों में हाईकोर्ट ने सपा सांसद आजम खां को राहत दे दी है। इन दोनों मामलों में स्थगनादेश जारी किया है। चुनाव के दौरान राजकीय रजा डिग्री कालेज में मतदान के दिन प्रेस कांफ्रेंस करने के साथ ही आपत्तिजनक बयान देने और शाहबाद में दर्ज आचार संहिता के मामले में सपा सांसद ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। इन दोनों मामलों में उनके खिलाफ वारंट जारी किए गए थे। सहायक शासकीय अधिवक्ता राम औतार सिंह सैनी ने बताया कि दोनों मामलों में हाई कोर्ट ने स्टे दे दिया है।

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