ISI ने दाऊद के इशारे पर बैंकॉक की अदालत में उसे पाकिस्तानी नागरिक करार दिया.

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छोटा राजन पर बैंकॉक में हमला करने वाले दाऊद इब्राहिम के गुर्गे मुन्ना झिंगड़ा का केस थाईलैंड की अदालत में भारतीय जांच एजेंसियों के खिलाफ गया, पहले केस भारतीय जांच एजेंसियों ने जीता था और तब साबित कर दिया था कि मुन्ना झिंगड़ा भारतीय नागरिक है, लेकिन उसके बाद पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई ने दाऊद के इशारे पर बैंकॉक की अदालत में अपील फाइल की और इस बार अदालत ने उसे पाकिस्तानी नागरिक करार दिया.

सूत्र बताते हैं कि इसके लिए दाऊद ने पानी की तरह पैसा बहाया. 8 अगस्त 2018 में भारतीय जांच एजेंसियों ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के तमाम झूठे दावों को अदालत में गलत साबित किया था और केस जीत लिया था.

इसके बाद एक अपील का मौका होता है जिसमें दाऊद इब्राहिम ने जमकर पैसा लगाया और 11 सितंबर 2019 को अदालत ने मुन्ना को पाकिस्तानी नागरिक मान लिया.

भारतीय जांच एजेंसियों को झटका

पिछले 2 साल से बैंकाक की अदालत में दाऊद इब्राहिम के खास गुर्गे सैयद मुद्दसर हुसैन उर्फ मुन्ना झिंगड़ा को लेकर भारतीय जांच एजेंसियों और पाकिस्तान जांच एजेंसियों के बीच खींचतान चल रही थी, जिसमें दाऊद इब्राहिम ने इस बार जमकर पैसा बहाया और केस पाकिस्तान के पक्ष में चला गया. जबकि भारतीय जांच एजेंसी चाहती थी कि मुन्ना झिंगड़ा को भारत डिपोर्ट कर दिया जाए.

सैयद मुद्दसर हुसैन उर्फ मुन्ना झिंगड़ा ने दाऊद इब्राहिम के इशारे पर साल 2000 में बैंकाक में छोटा राजन पर हमला किया था जिसमें छोटा राजन को गोली लगी थी, लेकिन वो छत से कूद कर भाग कर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा था जबकि उसका साथी रोहित वर्मा मारा गया था.

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