कस्टमर केयर से किया संपर्क, खाते से निकल गए 70 हजार

- Advertisement -

अगर आप खाने के लिए या अन्य चीजों के लिए ऑनलाइन ऑर्डर देते हैं तो सावधान. खासतौर पर जब आप शिकायत होने की स्थिति में इंटरनेट से हेल्पलाइन नंबर लेकर उस पर संपर्क करते हैं. ऐसा ही केस हुआ है हैदराबाद में जहां बासी खाने मिलने की शिकायत करने के लिए कस्टमर केयर नंबर पर कॉल की तो ठगों ने उसके खाते से पैसे निकाल लिए.

हैदराबाद की साइबराबाद पुलिस ने साइबर अपराधियों के एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है जो फर्जी कस्टम केयर नंबर के जरिए लोगों को ठगते थे.

साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में हाल में दर्ज की गई शिकायत के मुताबिक एक शख्स ने फूड डिलिवरी एप (जोमेटो) से 200 रुपये की मिठाई का ऑर्डर दिया. लेकिन जब उसने मिठाई को बासी पाया तो शिकायत के लिए इंटरनेट पर फूड डिलिवरी कंपनी के कस्टमर केयर सेंटर का नंबर जानने के लिए सर्च किया.

शिकायतकर्ता को ठग लिया

शिकायतकर्ता को कस्टमर केयर सर्विस के तौर पर मोबाइल नंबर (9330017233) मिला. इस नंबर पर फोन मिला कर जिस शख्स से बात की गई उसने खुद को कस्टमर केयर का एग्जीक्यूटिव बताया. शिकायतकर्ता ने आग्रह किया कि उसका ऑर्डर रिफंड कर उसके पैसे लौटाए जाएं.

शिकायतकर्ता ने जिसे कस्टम केयर का एग्जीक्यूटिव समझा वो असल में एक जालसाज था. उसने शिकायतकर्ता से बैंक खाते और UPI PIN के बारे में जानकारी मांगी जिससे 200 रुपये रिफंड किए जा सकें, लेकिन इस चक्कर में शिकायतकर्ता ने अपने खाते से 70,000 रुपये गंवा दिए. शिकायतकर्ता ने फिर पुलिस से संपर्क किया तो कस्टमर केयर फर्जी निकला.

साइबर अपराधी अब फर्जी वेबसाइट बनाकर उनकी ऑनलाइन होस्टिंग कर रहे हैं. इस पर ये नामी कंपनियों का खुद को कस्टमर केयर सर्विस बता कर मोबाइल नंबर दे रहे हैं. इसी तरह के फर्जीवाड़े से वो निर्दोष लोगों को लाखों रुपये का चूना लगा रहे हैं.

फर्जी कस्टमर केयर सर्विस नंबर

पुलिस ने बताया कि जब भी किसी शख्स को किसी कंपनी के कस्टम केयर सर्विस की जरूरत होती है तो वो गूगल पर उसे सर्च करता है. ऐसे में इंटरनेट पर कई फर्जी नंबर मौजूद होने की वजह से लोग जालसाजों के बिछाए जाल में फंस जाते हैं.

जालसाज पूछताछ करने वाले से ऐसे ही बात करते हैं जैसे वो कंपनी के असली कस्टमर केयर सर्विस सेंटर हैं. बातों में फंसा कर वो लोगों से बैंक कार्ड/खाते के बारे में जानकारी ले लेते हैं. इनमें OTP, UPI PIN,नेट बैंकिंग पासवर्ड कोड भी शामिल होते हैं.

बैंक डिटेल नहीं मांगता

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गूगल पर सक्रिय ऐसे फर्जी कस्टमर केयर के बारे में उन्हें शिकायतें मिलने लगी है. साइबराबाद पुलिस ने इस संबंध में लोगों के लिए एडवाइजरी भी जारी की. इस एडवाइजरी में कहा गया है कि गूगल पर समस्या निवारण के लिए किसी कंपनी के कस्टमर केयर सर्विस नंबर को गूगल पर सर्च ना करें. साथ ही कभी भी अपने बैंक कार्ड की जानकारी, OTP, UPI PIN नंबर और बैंकिंग पासवर्ड किसी भी कस्टर केयर सर्विस स्टाफ से शेयर ना करें.

साथ ही यह बात भी ध्यान में रखना चाहिए कि किसी कंपनी का असली कस्टमर केयर सर्विस सेंटर आप से बैंक खाते/कार्ड/OTP की जानकारी नहीं मांगता.

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here