अभी दोषियों के पास हैं और भी विकल्प, सजा के लिए मिलेगी नई तारीख!

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कानून के प्रावधान, संवैधानिक अधिकार और प्रशासनिक पेचीदगियां… सबको मिलाकर जो मिक्सचर बन रहा है वो शायद निर्भया के चारों सजायाफ्ता दोषियों को जिंदगी की चंद सांसें बढ़ा दे. पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान भी यही सब सामने आ रहा है. खुद अदालत ने कहा कि हम इन कानूनी प्रावधानों और दोषियों को अपने बचाव के लिए मिले कानूनी और संवैधानिक अधिकारों की वजह से इनकी सजा पर अमल को टाल रहे हैं. रद्द नहीं कर रहे. अगर सुप्रीम कोर्ट में उपचारात्मक याचिका या फिर राष्ट्रपति के पास दया याचिका लंबित होगी तो हम डेथ वारंट की नई तारीख देंगे.

फिलहाल चारों दोषियों की कानूनी और संवैधानिक अधिकारों की फाइलें अलग-अलग जगह हैं. मुकेश और विनय की सुधारात्मक याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो चुकी है. मुकेश ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका लगाई है. दिल्ली सरकार के गृह विभाग और खुद उपराज्यपाल ने इसे खारिज करने की सिफारिश के साथ दया याचिका को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दी है. वहां भी ज्वाइंट सेक्रेटरी के पास से होते हुए गृह सचिव तक ये याचिका जाएगी. फिर राष्ट्रपति इस पर फैसला लेंगे.

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