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म्यांमार विमान हादसे पर पीएम मोदी ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार सैन्य विमान हादसे में लोगों की मौत होने पर गहरा शोक व्यक्त किया  है और तलाश के प्रयासों में भारत की मदद का प्रस्ताव रखा. मोदी ने ट्वीट किया कि म्यांमार के सैन्य परिवहन विमान के दुर्घटना का शिकार होने की त्रासद घटना से बहुत दु:खी हूं. भारत तलाश प्रयासों में हर संभव मदद करने के लिए तैयार है.

बता दें कि दक्षिणी शहर म्येयिक और यांगून के बीच 116 लोगों के साथ जा रहा म्यांमार का एक सैन्य विमान बुधवार को लापता हो गया था.हवाई अड्डे के एक सूत्र  के मुताबिक विमान में 105 यात्री और चालक दल के 11 सदस्य सवार थे.

हालांकि रात तक विमान का मलबा और कुछ शव अंडमान सागर से बरामद हुए थे. वायु सेना के एक सूत्र ने इस बात की पुष्टि की कि नौसेना के तलाश और बचाव जहाज को समुद्र में विमान का टुकड़ा मिला. विमान में सवार लोगों के बारे में विरोधाभासी सूचनाएं हैं.



सोशल मीडिया पर छाई है मोनालीसा की पूल साइड PICS

बिग बॉस 10 की कंटेस्टेंट मोनालीसा शो के दौरान और उसके बाद भी लगातार सुर्खियों में रहीं. रियलिटी शो में शादी करने वाले मोना बिग बॉस के बाद नच बलिए में दिखाई दीं और अब वह अपनी कुछ तस्वीरों के वजह से सुर्खियों में हैं.

अपने शेड्यूल और काम से ब्रेक लेकर मोना इन दिनों पति विक्रांत के साथ मलेशिया में छुट्टियां बिता रही हैं. उन्होंने अपनी इस वेकेशन की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं.

पूल में रिलैक्स करतीं मोना की ये तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल हो रही हैं. इन तस्वीरों से लग रहा है कि उन्होंने थोड़ा वजन भी घटा लिया है.



छतों पर सोलर प्लांट लगाने से बनेंगे 3 लाख नौकरियों के मौके, सरकार ने उठाया कदम

भारत में तेजी से बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर साफ सुधरे वातावरण के साथ-साथ  करीब 3 लाख नौकरियां भी उपलब्ध कराएगा.  यह दावा काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरमेंट ऐंड वॉटर (CEEW) और नैचरल रिसोर्सेज डिफेंस काउंसिल (NRDC) की स्टडी में किया गया है. स्टडी में कहा गया है कि विंड पावर से 34 हजार 600 जबकि जमीन पर लगाए गए सोलर प्रोजेक्ट्स से 58 हजार 600 और छतों पर लगे सोलर प्रॉजेक्ट्स से दो लाख 38 हजार नौकरियों के मौके बनेंगे.

सरकार ने उठाया कदम
रिन्यूअबल सेक्टर में फिलहाल जरूरी स्किल्स की बहुत कमी है. न्यू और रिन्यूअबल एनर्जी मिनिस्ट्री ने इस समस्या के समाधान करने के लिए स्किल काउंसिल फॉर ग्रीन जॉब्स बनाया है. स्टडी के मुताबिक, सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग में फिलहाल लगभग 2900 लोग काम कर रहे हैं जबकि इस सेक्टर की डिमांड को घरेलू स्तर पर पूरा किया जाता है तो यहां और 45000 रोजगार के मौके बनेंगे.

1 मेगावॉट क्षमता का सोलर प्लांट से 25 लोगों को मिलता है रोजगार

स्टडी में दिलचस्प बात यह निकलकर आई है कि जमीन पर लगाए जाने वाले सोलर प्रॉजेक्ट्स के मुकाबले छतों पर लगने वाले प्रॉजेक्ट्स में ज्यादा नौकरियों के मौके बनेंगे. स्टडी में कहा गया है कि छतों पर 1 मेगावॉट क्षमता का सोलर प्लांट लगाने से 25 लोगों को काम मिलता है जबकि जमीन पर हर मेगावॉट के लिए सिर्फ तीन लोगों की जरूरत होगी.

स्टडी में हुआ खुलासा
CEEW की सीनियर प्रोग्राम की लीडर कनिका ने कहा, फोकस ग्राउंडमाउंटेड सोलर प्लांट लगाने और सोलर पावर टैरिफ घटाने पर रहा है, लेकिन जॉब क्रिएशन के हिसाब से सबसे ज्यादा कारगर रूफटॉप सोलर प्लांट्स रहे हैं. इसलिए यह फैसला सरकार को करना है कि उसको कहां फोकस करना चाहिए.

2022 तक 40 गीगावॉट रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट का लक्ष्य
सरकार ने साल 2022 तक 40 गीगावॉट रूफटॉप सोलर पावर प्रॉजेक्ट्स का टारगेट तय किया है जबकि अब तक 2 गीगावॉट से भी कम का टारगेट हासिल हो पाया है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक जैसे ही रिन्यूअबल एनर्जी कपैसिटी बढ़ेगी, उसके रखरखाव, शेड्यूलिंग और फोरकास्टिंग की भी जरूरत बढ़ेगी. इसका मतलब यह हुआ कि इन एरिया में रोजगार के ज्यादा मौके बनेंगे. रूफटॉप सोलर प्लांट्स से रोजगार के मौकों के साथ उद्यमिता को भी बढ़ावा मिल रहा है. हालांकि, अगर वे लोग रूफटॉप को लेकर गंभीर हैं तो उसके लिए प्रॉपर कॉन्ट्रैक्ट्स और ठोस लीगल फ्रेमवर्क की जरूरत होगी. ऐसा नहीं होने पर एनपीए बढ़ेगा और उससे लोगों के रोजगार छूटेंगे.

 



जयपुर के स्विमिंग पूल में उतरी पूनम पांडे, बिकनी में 'पैग पे पैग'

 

अक्सर विवादों से घिरी रहने वाली मॉडल और अभिनेत्री पूनम पांडे ने इस वीकेंड राजस्थान की पिंकसिटी जयपुर में एक वीडियो शूट में व्यस्त नजर आईं.
शहर के कैम्बे रिसॉर्ट में पूनम के साथ मिसेज यूएन इंटरनेशनल 2017, शालिनी सूद, मिसेज अर्थ 2017, अनू एलेक्स और मॉडल शरद चौधरी भी पहुंचे. स्विमिंग पूल के अंदर और बाहर शूट हुए वीडियो में पूनम खासी एनर्जेटिक दिखीं.

पूनम पांडे ने इस शूट के बाद में बताया कि यह उनका पहला म्यूजिक एलबम है. जयपुर में एलबम के 'पैग पे पैग' गाने की शूटिंग हुई है. शूटिंग के दौरान तीनों मॉडल्स बिकनी में नजर आईं और इसी कॉस्ट्यूम में फोटो शूट भी हुआ.
टी-सीरीज के इस एलबम शूट में तीनों मॉडल्स के साथ मेल स्टार शरद चौधरी ने जमकर पूल में एंजॉय किया. बता दें कि पूनम ने पहली बार 2011 में किंगफिशर कैलेंडर गर्ल्स के लिए फोटोशूट किया था. पूनम पांडेय अब तक ऐसे ही फोटो शूट्स से चर्चा में रही हैं.

 



27 हजार रु. तक आ सकता है सोनेे का भाव, निवेश का बेहतरीन मौका

जीएसटी लागू होने के बाद सोना लगभग एक हजार रुपए सस्‍ता हो चुका है. इस समय स्‍पॉट मार्केट यानी हाजिर बाजार में सोना लगभग 29000 हजार रुपए और फ्यूचर यानी वायदा बाजार में लगभग 28000 रुपए प्रति 10 ग्राम चल रहा है. घरेलू से लेकर इंटरनेशनल तक सभी फैक्‍टर्स का दबाव सोने की कीमतों पर है. ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इसकी कीमतें और कम होंगी और सोना नीचे गिरकर 27000 रुपए के आसपास तक आ सकता है. ऐसे में जो लोग सस्‍ते में सोना खरीदना चाहते हैं, उनके लिए अवसर निकल रहे हैं.

सोना सस्‍ता होने के ये हैं कारण
कमोडिटी एक्‍सपर्ट प्रमोद कुमार झा के मुताबिक, बाजार में उथल-पुथल रहने की स्थिति में निवेशकों के लिए सोना सबसे सुरक्षित विकल्‍प बन जाता है. लेकिन अभी राजनीतिक स्थिरता, जीएसटी लागू होने, आर्थिक सुधार प्रक्रिया जारी रहने जैसे कारणों से बाजार अच्‍छा चल रहा है, ऐसे में सोने के प्रति निवेशकों का रुख थोड़ा कमजोर है.

यूएस डॉलर के अवमूल्‍यन का असर

झा के अनुसार, घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर इंटरनेशनल मार्केट, खासकर यूएस इकोनॉमी की हलचल का अच्‍छा असर होता है. अभी यूएस इकोनॉमी के आंकड़े अच्‍छे नहीं आए हैं. ऐसे में यूएस सेंट्रल बैंक फेड द्वारा ब्‍याज दर बढ़ाने के संकेत देने के बावजूद इसकी संभावना कम ही लग रही है. यह स्थिति यूए इकोनॉमी की कमजोरी बयां करती है. इससे यूएस डॉलर डेप्रिशिएट कर रहा है भारतीय रुपया मजबूत हो रहा है. इसका साफ असर सोने की कीमतों पर होगा. रुपए मजबूत होने से सोने का आयात भी कमजोर होगा.

जीएसटी का असर
सोने पर तीन फीसदी जीएसटी और 5 फीसदी मेकिंग चार्ज लागू होने का असर साफ दिख रहा है. यही कारण है कि जीएसटी लागू होने से पहले के चंद दिनों के दौरान सोने की जोरदार खरीदारी हुई थी. ऐसे में एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि सोने की कीमतों पर आगे भी दबाव बना रह सकता है.

मानसून और मौसम का असर
अभी तक देश के कई इलाकों में मानसून अच्‍छा नहीं रहा है. इससे ग्रामीण अर्थव्‍यवस्‍था कमजोर हो सकती है. गांवों से डिमांड कम रहने का असर सोने पर भी दिखेगा. इसके अलावा शादी का मौसम भी समाप्‍त हो चुका है. ऐसे में सोने की डिमांड पर आने वाले कुछ महीनों तक सुस्‍त रह सकती है.



कांग्रेस ने केंद्र को घेरने के लिए तैयार किया डोजियर

मानूसन सत्र में केंद सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस ने एक डोजियर तैयार किया है ताकि सरकार की खामियां जाहिर हो सकें. इसमें सबसे बड़ा मुद्दा भीड़ द्वारा हत्‍या किए जाने का है. कांग्रेस सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा में मुद्दे को उठाया भी.

उधर, इस डोजियर पर बीजेपी ने कहा कि यह कांग्रेस की संसद को न चलने देने की साजिश है.

और क्या है डोजियर में ?
इसमें किसानों का मसला भी उठाया गया है. दलितों और अल्‍पसंख्‍यकों पर बढ़ते अत्‍याचार को भी बड़ा मुद्दा बनाया गया है. गोरक्षा के नाम पर हो रही हत्‍याओं पर पूरे विपक्ष ने चिंता जाहिर की है.


दलितों, अल्‍पसंख्‍यकों और किसानों के मुद्दों को लेकर बुधवार को लोकसभा एवं राज्‍यसभा दोनों में जमकर हंगामा हुआ. विपक्षी सांसद वॉकआउट भी किया.

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, वॉकआउट इसलिए किया क्योंकि स्पीकर से किसानों पर अभी चर्चा करने के लिए अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया.

सपा ने भी उठाए सवाल
सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि गोरक्षा के नाम पर हत्याएं हो रही हैं, सरकार ने क्या निर्देश दिए. क्या केंद्र सरकार की जानकारी में यह बात है कि गोहत्या के नाम पर हत्याएं हुईं.

मंत्री ने किया बचाव
केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा, प्रधानमंत्री साफ-साफ कह चुके हैं कि गोरक्षा के नाम पर कोई गलत काम हो रहा है तो कार्रवाई होनी चाहिए.
 



￰प्रदेश में क्राइम की दशा

लोगो के जीवन के साथ खिलवाड कर रहे झोला छाप डाक्टर


शुकुल बाजार / अमेठी :- आखिर कब तक झोला छाप डाक्टर लोगो के जीवन के साथ खिलवाड करते रहेंगे जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण     सी एम ओ से सांठगांठ कर के बिना डिग्री के ये डॉक्टर अपनी दुकान चला कर लोगो के जीवन के साथ खिलवाड़ करते हुए नजर आ रहे हैं। ऐसा ही कुछ नजारा  

आपरेशन टाइम्स के औचक निरीक्षण मे शुकुल बाजार थानाक्षेत्र के जैनबगज ,महोना ,किशनी ,पूरे परवेज ,पूरे बख्तावर, सत्थिन सहित अन्य बाजारो मे अनुभव विहीन डाक्टरो की भरमार है। या जनता के साथ ज़बरदस्त तरीके से स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हुए दिखाई दे रहे हैं। लोगो के जीवन के साथ स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह इससे अनजान बना हुआ है। 
यहाँ पर गैर प्रांत के मजदूर आते हैं। जिनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड करते हुए नजर आ रहे हैं। आखिर कब रूकेगा इनका खिलवाड करने का काम कभी कभी तो ऐसा होता है। कि यह लोगो की जान तक भी ले लेते हैं। अनुभव न होने के कारण यह बिना सोचे ही दवा का सेवन करने के लिए बोल देते हैं। डुप्लीकेट दवाइयां भी इनके द्वारा संचालित की जाती हैं।

इन डाक्टरो के पास न तो डिग्री है। और न ही संचालित करने का लाइसेंस ऐसे मे अगर कार्यवाही न हो तो जिला प्रशासन पर उगली उठना लाजमी है। 



धोनी को किस तेज गेंदबाज से लगता था डर? पूर्व कप्तान ने किया खुलासा

क्या आप जानते हैं- पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए सबसे तेज बॉलर कौन हो सकता है? नहीं, जानते तो अब जान जाएंगे. इस बात का खुद खुलासा महेंद्र सिंह धोनी ने किया है. उन्होंने बताया कि उनके करियर में जो सबसे तेज गेंदबाज रहा, जिसे खेलने में उन्हें सबसे ज्यादा मुश्किल हुई, वे हैं पाकिस्तान के शोएब अख्तर.

धोनी इंग्लैंड में खेली जा रही चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान को शिकस्त देने के बाद टीम इंडिया विराट कोहली के फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक समारोह में पहुंचे थे.इस इवेंट के होस्ट होस्ट एलन विलकिन्स ने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से कुछ सवाल किए.

विल्किन्स ने सबसे पहले धोनी से डकवर्थ-लुईस नियम के बारे में सवाल किया तो उन्होंने बहुत ही मजेदार जवाब दिया. हालांकि देखा जाए तो ये जवाब आईसीसी को कतई पच नहीं रहा होगा.

धोनी ने कहा, आईसीसी को भी इस नियम और यह कैसे काम करता है के बारे में पूरी तरह पता नहीं है. बारिश प्रभावित मैचों में स्कोर की कैलकुलेशन डकवर्थ-लुइस नियम के अनुसार की जाती है.
 



किसानों की कर्ज माफी: BJP के मिशन 2019 के लिए चुनौती बन गया मोदी का ऐलान?

मध्यप्रदेश में किसानों ने मिनिमम समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल शुरू की. किसानों के इस विरोध ने धीरे-धीरे हिंसक रूप ले लिया. जिसका दुष्परिणाम ये हुआ कि पुलिस की फायरिंग में 6 किसानों की मौत हो गई. जबकि कई गंभीर रूप से घायल हो गये. इसी दिन नासिक में दो किसानों ने आत्महत्या कर ली. मध्यप्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात में भी किसानों अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने आ गये हैं. किसानों की आय दोगुना करने का दावा करने वाली बीजेपी की सरकार वाले चार राज्यों में ही किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. अब सवाल ये उठने लगे हैं कि बीजेपी की सरकार वाले राज्यों में ही किसान क्यों आंदोलन कर रहे हैं? साथ ही ये भी कि क्या यूपी में किसानों की कर्जमाफी का पीएम मोदी का ऐलान बीजेपी के लिए मिशन 2019 में चुनौती बन सकता है?

चारों राज्यों में किसानों के विरोध के पीछे दरअसल यूपी की योगी सरकार के उस फैसले को माना जा रहा है, जिसमें किसानों की कर्जमाफी की घोषणा की गई थी. चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने सार्वजनिक मंच से सूबे में बीजेपी सरकार बनने पर पहली कैबिनेट में किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था. वादे के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग में ही किसानों का 36 हजार करोड़ से ज्यादा का बकाया कर्ज माफ कर दिया. 

योगी सरकार के इस फैसले के बाद दूसरे राज्यों के किसानों में भी एक उम्मीद जगी. ये उम्मीद अब जिद तक आग पहुंची है. महाराष्ट्र के किसानों ने फडणवीस सरकार को अपनी मांगों का प्रस्ताव भेजा. किसान संगठनों की उनके साथ बैठक भी हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. जिसके बाद किसानों ने आंदोलन की शुरुआत कर दी. बड़ी संख्या में किसान सड़कों पर उतर आये. विरोध में सड़कों पर दूध बहा दिया , हाईवे पर सब्जियों का अंबार लगा दिया. महाराष्ट्र में कर्ज माफी के अलावा किसानों की कुछ और भी मांगे हैं. 
-स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करना 
-खेती के लिए बिना ब्याज के कर्ज दे सरकार
-60 साल के उम्र वाले किसानों को पेंशन दी जाए
-दूध के लिए प्रति लीटर 50 रुपये मिले

यूपी सरकार के फैसले का असर सिर्फ मध्यप्रदेश या महाराष्ट्र में ही देखने को नहीं मिला. बल्कि गुजरात और राजस्थान में भी इसका प्रभाव नजर आ रहा है. 

गुजरात के बनासकांठा में किसानों ने आलू के भाव और खेती के लिए पानी न मिलने के कारण कड़ा विरोध जताया है. किसानों ने सड़कों पर आलू फेंक कर प्रदर्शन किया. 

वहीं मध्यप्रदेश सीमा से सटे राजस्थान के प्रतापगढ़ में में किसान आवाज बुलंद कर रहे हैं. किसान अपनी उपज का समर्थन मूल्य बढ़ाने सहित दस सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. यहां भी किसानों ने दूध-सब्जियां फेंक अपना विरोध जताया. किसानों की मांग है कि उपज का समर्थन मूल्य लागत से ज्यादा हो, बीमा कंपनियां समय पर क्लेम पास करें और अटके हुए मुआवजे जल्द मिलें. किसानों की चेतावनी है कि 10 तारीख तक मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन उग्र होगा.

हालांकि, सिर्फ ये चार राज्य ही नहीं हैं, जहां किसान परेशान है, कर्ज के बोझ में दबा हुआ है. हाल ही में तमिलनाडु के किसानों ने दिल्ली में संसद के सामने नग्न प्रदर्शन तक किया. किसान की बेहाली का अंदाजा उन पर कर्ज के आंकड़ों से भी लगाया जा सकता है. मौजूदा वक्त में देशभर के किसानों पर 12 लाख 60 हजार करोड़ का कर्ज है.
NCRB का अांकड़ा कहता है कि 2001-15 तक 15 सालों में देश के 2 लाख 34 हजार 642 किसानों ने आत्महत्या की है. कहीं किसान सूखे की मार झेलकर कर्ज में डूब गया है, तो कहीं बेहतर मानसून के बाद अच्छी पैदावार के बावजूद उसके अच्छे दिन आते नहीं दिख रहे हैं. ऐसे में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात सरकार को भी किसानों का गुस्सा शांत करने के लिए योगी सरकार जैसे कदम उठाने पर विचार करना होगा. अगर ऐसा नहीं हुआ तो किसानों की नाराजगी बीजेपी के मिशन 2019 में पार्टी के बड़ी चुनौती के रूप में सामने आ सकती है.



क्‍या करें, शरीर का वजन तो घट जाता है, चेहरे का मोटापा नहीं जाता

 

लोग अपने शरीर के वजन से ज्यादा चेहरे के भारीपन से परेशान होते हैं. शरीर का वजन बढ़ने के साथ-साथ उनका चेहरा भी मोटा होने लगता है. वजन कम करने के लिए तो हम व्यायाम या योग कर सकते हैं, लेकिन कई लोगों को समस्या होती है कि चेहरे को कैसे पतला करें. कई बार लोग शरीर का वजन तो मेहनत और कसरत से कम कर लेते हैं, लेकिन चेहरे का मोटापा कम नहीं होता, जिसकी वजह से वे पतले नहीं दिखते.

तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे योग और चेहरे के व्‍यायाम, जिनसे आपका चेहरे का भारीपन कुछ कम होगा और चेहरा पतला हो जाएगा.

हंसना आपकी सेहत के लिए हमेशा फायदेमंद होता है. हंसना सबसे अच्‍छा व्‍यायाम है. इससे आपकी सेहत भी अच्छी रहती है और चेहरा भी पतला होता है क्योंकि हंसने के दौरान शरीर की सभी 600 मांसपेशियों की कसरत एक साथ हो जाती है. हंसते वक्त फेफड़ों में ज्यादा ऑक्सीजन जाती है, जिसकी वजह से खून शुद्ध होता है और चेहरे में चमक आ जाती है.

जीभ बाहर निकालें
चेहरा पतला करने के लिए आप अपनी जीभ को जितना बाहर निकाल सकते हैं, निकालिए और कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रहिए. इस व्‍यायाम को 10 बार कीजिए. इसे करने से जबड़े मजबूत होते हैं और यह गले की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है. साथ ही चेहरे को पतला करने में मदद करता है.
शेर की तरह बैठें
वज्रासन में बैठकर घुटनों के बीच थोड़ी सी जगह दें या फिर घुटनों को थोड़ा खोलकर रखें. अब हाथों को शेर के जैसे खोलकर दोनों घुटनों के सामने जमीन पर रखें. सांस खींचकर जीभ बाहर निकालें और फिर सांस छोड़ते हुए शेर के गरजने जैसी आवाज निकालें. जितना ज्यादा हो सके जीभ को बाहर निकालिए. इसे 3 से 4 बार करिए. ऐसा करने से गले में लेकर चेहरे तक की मांसपेशियों में खिंचाव होता है और चेहरा पतला होता है.



  • भारत में शराब बंदी करने का फैसला सही है या गलत है आप अपनी जवाब हमे पोल कर के दे सकते है हां या ना , पता नहीं में :-



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